दुनिया एक संसार है, और जब तक दुख है तब तक तकलीफ़ है।

Thursday, November 1, 2007

त्रिलोचन के साथ सुबह के कुछ घंटे और कुछ ब्लॉग्स पर मौजूद उनकी कुछ कविताएं


कृपया यहां पढ़ें.

फोटो: पंखुड़ी सिंह, 31 अक्टूबर 2007

No comments: